नया पासपोर्ट बनाने के लिए लोगों को अब हफ्ते या महीनों तक नही करना पड़ेगा इंतजार, नियमो में हुवा बड़ा बदलाव
नए नियमों का मकसद पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया को आसान, तेज और ज्यादा सुरक्षित बनाना
नया पासपोर्ट बनाने के लिए लोगों को अब हफ्ते या महीनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। भारत सरकार ने 15 फरवरी 2026 के बाद लागू होने वाले पासपोर्ट नियमों में बड़े बदलावों की घोषणा की है। इन नए नियमों का मकसद पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया को आसान, तेज और ज्यादा सुरक्षित बनाना है। सरकार का कहना है कि इससे कागजी काम कम होगा, जांच प्रक्रिया डिजिटल होगी और लोगों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी। अब नये नियमों के तहत पासपोर्ट का आवेदन करने के बाद अधिकतम सात दिन में पासपोर्ट जारी हो जाएगा। केंद्र सरकार ने 15 फरवरी से नए नियम लागू किए हैं। तो इसे अब छत्तीसगढ़ में भी इन नियमों को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। इन्हीं नियमों के तहत पासपोर्ट जारी होना भी शुरू हो गया है।
इसके साथ ही केंद्र सरकार ने डॉक्यूमेंट-लेस आवेदन की भी शुरुआत की है। यानी पासपोर्ट बनाने के लिए दस्तावेजों को भी ले जाने की जरूरत नहीं होगी। डिजिलॉकर से अधिकारी दस्तावेजों को ऑनलाइन ही चेक कर लेंगे। छत्तीसगढ़ के किसी भी नागरिक के पास 2 दस्तावेज आधार और पैन कार्ड है तो वो पासपोर्ट बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। आधार और अन्य सरकारी पहचान पत्रों को पहचान और पते के मुख्य प्रमाण के रूप में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे अलग-अलग दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होगी।
अगर आवेदन अधूरा होगा या गलत जानकारी अपलोड की गई होगी, तो उसे सख्ती से खारिज किया जाएगा। इसलिए फॉर्म भरते समय पूरी सावधानी बरतना जरूरी है।
नए केंद्र भी खुलेंगे
सरकार छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में पासपोर्ट केंद्रों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही है, ताकि लोगों को दूर नहीं जाना पड़े।
पुलिस वेरिफिकेशन होगा तेज
पहले पासपोर्ट जारी होने में पुलिस वेरिफिकेशन में काफी समय लग जाता था। अब नई डिजिटल व्यवस्था के तहत अलग-अलग विभागों के बीच ऑनलाइन तालमेल होगा। इससे बैकग्राउंड चेक कुछ ही दिनों में पूरा किया जा सकेगा। कुछ मामलों में पासपोर्ट पहले जारी कर दिया जाएगा और बाद में पुलिस जांच पूरी की जाएगी। हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया है कि सुरक्षा मानकों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
ऑनलाइन प्रक्रिया और सुविधाएं
सरकार ने पासपोर्ट पोर्टल को भी अपग्रेड किया है। अब पूरा आवेदन ऑनलाइन भरा और जमा किया जा सकेगा। अपॉइंटमेंट बुक करना भी आसान होगा और किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं पड़ेगी।आवेदक अपने आवेदन की स्थिति रियल-टाइम में ट्रैक कर सकेंगे और उन्हें स्टेटस की जानकारी ऑटोमैटिक अलर्ट के जरिए मिलती रहेगी।
पासपोर्ट नवीनीकरण व बच्चों के लिए बदले नियम...इससे राहत पासपोर्ट का नवीनीकरण कराना भी अब आसान हो गया है। पुराने पासपोर्ट और मौजूदा जानकारी में कोई बड़ा बदलाव नहीं है तो दोबारा पुलिस वेरिफिकेशन नहीं होगा। इसके अलावा बच्चों के पासपोर्ट के लिए अब माता-पिता दोनों की मौजूदगी अनिवार्य नहीं होगी। सिंगल पेरेंट्स यानी माता या पिता भी अकेले जाकर बच्चे का पासपोर्ट बनवा सकते हैं। यह भी तय हो गया है कि अब जितने भी नए पासपोर्ट जारी होंगे वे ई-पासपोर्ट ही होंगे। पासपोर्ट में एक चिप लगी होगी। इस चिप से विदेश यात्रा के दौरान इमीग्रेशन चेक में समय नहीं लगेगा। इसके लिए सबसे ज्यादा ध्यान रखने वाली बात यह है कि जिनका पासपोर्ट है उनका आधार और मार्कशीट में नाम व जन्मतिथि एक समान होना चाहिए। यानी किसी भी तरह की स्पेलिंग मिस्टेक नहीं होनी चाहिए।
छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय पासपोर्ट अफसरों के अनुसार सरकार का उद्देश्य है कि पासपोर्ट बनाने की पारदर्शिता को बढ़ाने के साथ ही लोगों की परेशानियों को कम करना है।



