छत्तीसगढ़ में एक बार फिर हुवा बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 7 दिन के भीतर करना होगा जॉइनिंग
नगरीय प्रशासन विभाग ने मुख्य नगर पालिका अधिकारियों का थोक में किया तबादला आदेश जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। नगरीय प्रशासन विभाग ने मुख्य नगर पालिका अधिकारियों का थोक में तबादला आदेश जारी किया है। नगरीय प्रशासन विभाग के उप सचिव के हस्ताक्षर से जारी ट्रांसफर आर्डर में 37 सीएमओ का नाम है। इस फैसले को सरकार की प्रशासनिक सक्रियता और जमीनी स्तर पर सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इस आदेश के तहत सबसे बड़ा फोकस नगर पालिकाओं और जिला मुख्यालयों में नियमित मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) की तैनाती पर रखा गया है। लंबे समय से कई नगरीय निकायों में प्रभारी व्यवस्था के सहारे काम चल रहा था, जिससे विकास कार्यों की गति और जवाबदेही दोनों प्रभावित हो रही थीं। अब सरकार ने इन जगहों पर नियमित अधिकारियों की पदस्थापना कर प्रशासनिक स्थिरता लाने की कोशिश की है।
7 दिन के भीतर करना होगा जॉइनिंग
जारी आदेश में लिखा है, उपरोक्त स्थानांतरित अधिकारी, कर्मचारी को 07 दिवस के भीतर नवीन पदस्थापना स्थान पर कार्यभार ग्रहण कर विभाग को सूचित करेंगे। समयावधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर वर्तमान स्थान से वेतन आहरित नहीं होगा। यदि वेतन आहरित किया जाता है तो नियंत्रण अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस तरह के प्रशासनिक बदलाव से न केवल शहरी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, बल्कि नागरिक सुविधाओं— जैसे सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण और शहरी आधारभूत ढांचे— में भी सुधार देखने को मिलेगा।
राजनीतिक और प्रशासनिक नजरिए से देखें तो यह फेरबदल कई मायनों में महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां इसे 'प्रशासनिक सुधार और दक्षता बढ़ाने की दिशा में कदम' माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह भी साफ है कि सरकार अब नगरीय निकायों के कामकाज को लेकर अधिक गंभीर हो गई है। अब देखना होगा कि यह बदलाव 'जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाता है'— क्या शहरों की व्यवस्थाएं सुधरती हैं, क्या विकास कार्यों में तेजी आती है, और सबसे अहम, क्या आम जनता को इसका सीधा फायदा मिल पाता है या नहीं।






