छत्तीसगढ़ में डॉयल 112 को मिलेगी 400 नई गाड़ियां, अब प्रदेश भर में चलेंगी 112, गृह मंत्री अमित शाह आज करेंगे शुभारंभ
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय 18 और 19 मई दौरे पर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। रायपुर में सुबह डायल 112 की 400 गाड़ियों को हरी झंडी दिखाने के बाद वे बस्तर जगदलपुर पहुंचेंगे। बस्तर को माओवाद से मुक्त कराने के बाद अमित शाह का यह पहला दौरा है, जिसे भाजपा 'विजय उत्सव' के रूप में मना रही है।
4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों का महाजुटान: जगदलपुर में मंगलवार को पहली बार 26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक होगी। छत्तीसगढ़ समेत यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी और एमपी के सीएम मोहन यादव शामिल होंगे। जिससे सुरक्षा और विकास के रोडमैप पर बड़ी रणनीति बनेगी।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 17 मई की रात करीब 8 बजे रायपुर पहुंचे। छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे के दौरान वे सुरक्षा व्यवस्था, जनसुविधाओं के विस्तार और उच्च स्तरीय बैठकों में शामिल होंगे।
इमरजेंसी नंबर डॉयल 112 को 400 नई गाडि़यां मिलेंगी। इसके साथ यह सुविधा पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी। सभी 33 जिलों के लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। वर्तमान में यह सुविधा 18 जिलों में चल रही थी। सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इसका शुभारंभ करेंगे। उल्लेखनीय है कि डॉयल 112 के जरिए लोगों को पुलिस, फायर और मेडिकल इमरजेंसी में एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसमें नई गाडि़यां शामिल होने से रिस्पांस टाइम भी कम होगा। इसके अलावा ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में भी पुलिस और एंबुलेंस की मदद पहुंच सकेगी।
खासकर बस्तर संभाग के जिलों के लोगों को लाभ मिलेगा। डॉयल 112 के वाहनों में कैमरे सहित अन्य सुविधाएं भी होंगी। नेक्स्ट जेन सीजी डायल 112 इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस 2.0) का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर चलित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी एवं 400 अत्याधुनिक डायल 112 वाहन का भी शुभारंभ किया जाएगा।
फॉरेसिंक विभाग को भी 32 वाहन
फॉरेसिंक विभाग को भी 32 वाहन मिलेंगे। इससे एफएसएल की टीम को किसी भी स्थान पर तत्काल पहुंचने की सुविधा मिलेगा। इन 32 वाहनों को अलग-अलग जिलों की फॉरेसिंक टीम को दिया जाएगा। नए कानून प्रावधानों के तहत हर घटना में फॉरेसिंक टीम को मौके पर पहुंचना है।
पुरानी गाडि़यां खराब, मेटेंनेंस भी नहीं
रायपुर में डॉयल 112 की 52 गाडि़यों सहित प्रदेश भर में करीब 300 गाडि़यां थीं। इन वाहनों का समय पर मेटेंनेंस नहीं कराया गया और न ही किसी तरह का ध्यान दिया गया। इसके चलते अब ये वाहन कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। अधिकांश गाडि़यां थानों और पुलिस कार्यालयों में खड़ी हैं। इनके कई पार्ट्स खराब हो चुके हैं।
विवादित रहा है डॉयल 112 का संचालन
डॉयल 112 का संचालन शुरू से विवादित रहा है। पहले टाटा कंपनी और एबीपी इसका संचालन कर रही थी। बाद में टाटा ने काम छोड़ दिया। एबीपी इसका संचालन करने लगी। इस बीच इसके संचालन के लिए नई कंपनी की टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई। इसमें महाराष्ट्र की कंपनी एल वन हो गई थी, लेकिन इस बीच कुछ दस्तावेजों में कमियां निकल गई। इसके चलते उसे हटा दिया गया। एबीपी ही इसका संचालन करती रही। इसके बाद सरकारी कंपनी सीडैक को आईटी का काम दिया गया। वाहनों के संचालन का ठेका जीवीके को मिला है।



