एक गर्भवती माँ का साहस - अपनी 8 वर्षीय डूबती बेटी को बचाने के लिए डेम में लगाई छलांग अपनी जान तक दांव पर लगाई

Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

एक गर्भवती माँ का साहस - अपनी 8 वर्षीय डूबती बेटी को बचाने के लिए डेम में लगाई छलांग अपनी जान तक दांव पर लगाई

एक गर्भवती माँ का साहस - अपनी 8 वर्षीय डूबती बेटी को बचाने के लिए डेम में लगाई छलांग अपनी जान तक दांव पर लगाई

अपनी परवाह किये बगैर मां ने नहीं हारी हिम्मत, आखिरी सांस तक बच्चे को बचाती रही

डेम में नहाने गये इस घटना में गर्भवती माँ-बेटी दोनों की मौत, दूसरी बेटी ने बचाई अपनी जान, गांव में पसरा मातम


मां को दुनिया का सबसे बड़ा योद्धा माना जाता है और पत्थलगांव क्षेत्र में एक ऐसी ही घटना सामने आई है जिसने इस बात को फिर से साबित कर दिया है। मां की ममता के सामने, यमराज को भी हार मानना पड़ता है। यह कहावत सिर्फ कहावत नहीं, बल्कि सच्चाई है। जब बात बच्चे की जान पर आती है, तो मां यमराज से भी लड़ जाती है और जीत जाती है। इस घटना में आखरी पल तक कोशिश की गई परन्तु ऊपरवाले को कुछ और मंजूर था, जिसमे गर्भवती माँ और बेटी की मौत हो गई।

पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बालाझार स्थित घोघरा डैम में रविवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां एक गर्भवती मां ने अपने 8 वर्षीय डुबती हुई बेटी को बचाने डैम में छलांग लगा दी। इस घटना में माँ बेटी दोनों की मौत हो गई है। वहीं दूसरी बेटी ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई और गांव पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। बताया जा रहा है कि मृतिका सुकांति तिग्गा करीब छह माह की गर्भवती थी। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

तमता बालाझर निवासी सुकांती तिग्गा उम्र 32 वर्ष अपनी दो बेटियों के साथ रविवार दोपहर बालाझार के घोघरा डैम में नहाने और कपड़े धोने गई थीं। इसी दौरान उनकी छोटी बेटी मीनाक्षी तिग्गा गहरे पानी में चली गई। बेटी को डूबता देख मां सुकांती उसे बचाने के लिए आगे बढ़ीं, लेकिन दोनों पानी के गहराई में फंस गईं। देखते ही देखते मां और बेटी डैम में डूब गईं। घटना के दौरान मौजूद बड़ी बेटी आराधना तिग्गा ने साहस दिखाते हुए किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई और दौड़ते हुए गांव पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों को हादसे की जानकारी दी। गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण डैम की ओर पहुंचे। घटना की सूचना सरपंच द्वारा तत्काल पत्थलगांव पुलिस को दी गई।

काफी मशक्कत के बाद गहरे पानी से मां-बेटी के शव बाहर निकाले गए। इस हादसे में मृतका के गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पति इमानवेल तिग्गा सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। 

सूचना मिलने पर पत्थलगांव पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव के लोगों ने मां के साहस को याद करते हुए कहा कि सुकांति ने अपनी बेटी को बचाने के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा दी।

Top Post Ad


 

Below Post Ad

Ads Bottom