देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुवा भारी इजाफा, नई दरें होंगी आज से लागू

Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुवा भारी इजाफा, नई दरें होंगी आज से लागू

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुवा भारी इजाफा, नई दरें होंगी आज से लागू

ईरान युद्ध के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में सप्लाई इसी तरह प्रभावित रही, तो आने वाले दिनों में होगा और भी इजाफा


जिस बात का डर था, आखिरकार वही हुआ। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। आज से पेट्रोल 3.14 रुपए और डीजल 3.11 रुपए महंगा हो गया है।

ईरान-अमेरिका युद्ध और वैश्विक उथल-पुथल के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उछाल आ गया था। जिसकी वजह से भारत की सरकारी कंपनियों को हर दिन एक हजार करोड़ यानी महीने में 30 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा था। कुछ समय पहले तक जो कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, वह अब 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है। 

इससे पहले पीएम मोदी ने बीते रविवार को संकट के मद्देनजर विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्रा को स्थगित करने जैसे उपायों की अपील की थी। रुपये में भारी गिरावट आई है और वर्तमान में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 के नीचे पहुंच गया है।

डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब और किचन पर पड़ता है। 

मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे।

खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी।

बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि ₹3 की यह बढ़ोतरी काफी नहीं है। अपना घाटा पूरी तरह खत्म करने और 'ब्रेक-ईवन' यानी नो प्रॉफिट-नो लॉस की स्थिति में आने के लिए इन कंपनियों को अभी पेट्रोल के दाम ₹28 प्रति लीटर और डीजल के दाम ₹32 प्रति लीटर तक बढ़ाने की जरूरत है। फिलहाल पेट्रोल पर 29.5% और डीजल पर 36.5% की कमी बनी हुई है। अगर ईरान युद्ध के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में सप्लाई इसी तरह प्रभावित रही, तो आने वाले दिनों में और भी इजाफा देखने को मिल सकता है।

वहीं जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के चलते पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। खबरों के मुताबिक, कंपनियों ने अब एक वाहन को अधिकतम 250 लीटर डीजल और व्यक्ति को 50 लीटर पेट्रोल तक सीमित करने के मौखिक निर्देश दिए हैं।
इसके तहत एक वाहन को एक दिन में अधिकतम 250 लीटर डीजल और एक व्यक्ति को 50 लीटर पेट्रोल देने की सीमा तय की गई है। कंपनियों की ओर से कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन व्हाट्सएप मैसेज के जरिए पंप संचालकों तक निर्देश पहुंचाए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पेट्रोलियम कंपनियों ने फ्यूल डिस्ट्रीब्यूशन में लिमिट लगाने के निर्देश दिए हैं। पंप संचालकों को कहा गया है कि निर्धारित सीमा से अधिक ईंधन वितरण न किया जाए। खासकर डीजल की बिक्री को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक किसी तरह का आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन व्हाट्सएप के माध्यम से दिए गए संदेशों के बाद अधिकांश पंप संचालकों ने सीमित वितरण शुरू कर दिया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की अवैध जमाखोरी रोकने के लिए कंपनियों ने जेरीकेन और ड्रम में ईंधन देने पर भी सख्ती बढ़ा दी है। कई जिलों में पेट्रोल पंप संचालकों को बिना उचित कारण बड़ी मात्रा में डीजल नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं।

डीजल वितरण सीमित होने से ट्रांसपोर्ट कारोबार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। बस और ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि लंबी दूरी के वाहनों को एक बार में पर्याप्त डीजल नहीं मिलने से संचालन लागत बढ़ सकती है।

कारोबारियों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो माल परिवहन में देरी होगी और बाजार में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही माल ढुलाई दरों और किराए में बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है।

Top Post Ad


 

Below Post Ad

Ads Bottom