एक ओर सरकार कह रही पेट्रोल डीजल के है पर्याप्त भंडार दूसरी ओर वाहन संचालकों में ईंधन को लेकर मची हाहाकार

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एक ओर सरकार कह रही पेट्रोल डीजल के है पर्याप्त भंडार दूसरी ओर वाहन संचालकों में ईंधन को लेकर मची हाहाकार

एक ओर सरकार कह रही पेट्रोल डीजल के है पर्याप्त भंडार दूसरी ओर वाहन संचालकों में ईंधन को लेकर मची हाहाकार

पंप संचालक कह रहे कलेक्टर का यह है आदेश..रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पंप रहेगा बन्द




पत्थलगांव। जहां एक ओर वर्तमान सरकार प्रदेश में पेट्रोल डीजल के पर्याप्त भंडार होने की बात करते नजर आ रही है तो दूसरी ओर वाहन संचालकों में ईंधन नही नही मिलने से हाहाकार मचा हुआ है। एक पंप संचालक तो कलेक्टर का आदेश है कहकर एक वाहन संचालक को ईंधन देने से इंकार कर दिया। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक ट्रैक्टर संचालक जिसकी ट्रेक्टर का डीजल रात करीब 10 बजे के आसपास बस स्टैंड के प्रवेश द्वार पर खत्म हो गया था, जिससे बसों के प्रवेश व निकास में भी बाधित हो रहा था। चूंकि चालक अकेले होने की वजह से उसे पीछे हटाने में मजबूर था। वाहन संचालक के आने के बाद ट्रेक्टर को पीछे कर दिया गया। पर वह 100-200 के डीजल लेने के सभी पम्पों के चक्कर काटने के बाद भी उसे डीजल नही मिला, ताकि वह वाहन लेकर पम्प तक पहुंच सके। उसने बताया कि बस स्टैंड के पास स्थित ऊपर पम्प में डिब्बे में नही दिया जा रहा करके मना कर दिया तो नीचे पम्प वाले ने रात को 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पम्प बंद रहने का कलेक्टर का आदेश है कहकर वापस भेज दिया। उसने बताया कि पत्थलगांव के अन्य पम्पो में भी डीजल नही होने का हवाला देकर वापस भेज दिया गया, जिससे उसे परेशानी का सामना करना पड़ा। 

बता दें कि ईरान-अमेरिका युद्ध और वैश्विक उथल-पुथल के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उछाल आ गया है। साथ ही देश भर के कई हिस्सों में ईंधन की अचानक कमी और आपूर्ति में देरी के कारण पेट्रोल और डीजल का संकट गहरा गया है। सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों और कुछ जगहों पर आपूर्ति बाधित होने से पंपों पर लंबी लाइनें लग गई हैं, जिसके कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश के कई जिलों में हालात ऐसे बन गए हैं कि कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन पूरी तरह खत्म हो चुका है। सप्लाई बाधित होने के कारण जगह-जगह “नो पेट्रोल” और “नो डीजल” के बोर्ड लगाए जा रहे हैं। जिन पंपों पर ईंधन उपलब्ध है, वहां सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग घंटों इंतजार कर पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं। कई पेट्रोल पंपों में सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सप्लाई पहुंच सके।

सप्लाई बाधित होने से बढ़ी चिंता

जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के कई जिलों में समय पर सप्लाई नहीं पहुंचने के कारण यह स्थिति बनी है। तेल कंपनियों की सप्लाई चेन प्रभावित होने से कई पंपों में स्टॉक समय से पहले खत्म हो गया। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और संभावित मूल्य वृद्धि की चर्चाओं के कारण लोगों ने ज्यादा मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवाना शुरू कर दिया, जिससे दबाव और बढ़ गया।

परिवहन और सरकारी कामकाज पर भी असर

ईंधन संकट का असर अब सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं रहा। परिवहन सेवाओं, निजी संस्थानों और सरकारी विभागों पर भी इसका प्रभाव दिखने लगा है। स्कूल वाहन, मालवाहक ट्रक, निजी बसें और अन्य व्यावसायिक वाहन भी ईंधन संकट से प्रभावित हो रहे हैं। यदि हालात लंबे समय तक बने रहे तो जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

हालांकि प्रशासन लगातार स्थिति सामान्य होने का दावा कर रहा है, लेकिन लोगों के बीच अभी भी ईंधन को लेकर चिंता बनी हुई है। कई लोग आने वाले दिनों में और ज्यादा संकट की आशंका जताते हुए पहले से ही अतिरिक्त पेट्रोल-डीजल जमा करने में लगे हैं। इसी वजह से प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। वही ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोग विशेष रूप से परेशान हैं, क्योंकि उन्हें कई किलोमीटर दूर से ईंधन की तलाश में आना पड़ रहा है।

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