दूसरे राज्यों से गाड़ी खरीदने के बाद उसका पंजीयन छत्तीसगढ़ में नहीं कराने वालों पर अब होगी सख्ती

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दूसरे राज्यों से गाड़ी खरीदने के बाद उसका पंजीयन छत्तीसगढ़ में नहीं कराने वालों पर अब होगी सख्ती

दूसरे राज्यों से गाड़ी खरीदने के बाद उसका पंजीयन छत्तीसगढ़ में नहीं कराने वालों पर अब होगी सख्ती

ऐसी गाड़ियों से राज्य को हो रहा हर साल 22 करोड़ से ज्यादा का राजस्व नुकसान


रायपुर। दूसरे राज्यों से गाड़ी खरीदने के बाद उसका पंजीयन छत्तीसगढ़ में नहीं कराने वालों पर अब सख्ती होगी। परिवहन विभाग का दावा है कि ऐसी गाड़ियों से हर साल 22 करोड़ से ज्यादा का राजस्व नुकसान हो रहा है। राज्य में 35000 से ज्यादा गाड़ियां ऐसी हैं, जिनकी खरीदी छत्तीसगढ़ के बाहर की गई है। इनमें करीब 28000 निजी और 7500 से ज्यादा कमर्शियल वाहन हैं। रायपुर जिले में ऐसे सबसे ज्यादा करीब 9 हजार मामले हैं। जल्द ही इन्हें नोटिस जारी होंगे।

केंद्रीय मोटरयान अधिनियम के तहत दूसरे राज्य से गाड़ी खरीदने के बाद उसे अस्थायी नंबर पर केवल एक महीने तक चलाया जा सकता है। इसके बाद संबंधित राज्य में रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स देना अनिवार्य है। लेकिन रोड टैक्स बचाने कई वाहन मालिक पुराने अस्थायी नंबर पर ही गाड़ी चलाते रहते हैं। परिवहन विभाग ने सभी जिलों के आरटीओ से ऐसी गाड़ियों की सूची तैयार कराई है। अब ऐसे वाहन मालिकों को नोटिस दी जाएगी। इसके बाद भी पंजीयन नहीं कराने पर मोटरयान अधिनियम की धारा 47 के तहत 5000 रुपए तक चालानी कार्रवाई होगी।

रिकार्ड नहीं, इसलिए ई-चालान नहीं जाता 

दूसरे राज्यों से खरीदी गाड़ियों का ई-चालान सही एड्रेस पर नहीं पहुंच पाता, क्योंकि उनका अस्थायी पंजीयन उसी राज्य में रहता है, जहां से गाड़ी खरीदी गई थी। ऐसे वाहन कई बार संदिग्ध क्राइम गतिविधियों में भी शामिल रहते हैं। पुलिस को इन्हें खोजने में परेशानी होती है। इसलिए पुलिस भी बाहरी राज्यों की गाड़ियों का छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्रेशन कराने पर जोर देती है।

हो रहा नुकसान, लेकिन कार्रवाई नहीं

 जानकारी के अनुसार, दूसरे राज्यों से गाड़ी खरीदने पर लोकल ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी नुकसान होता है। स्थानीय डीलरों की बिक्री घटती है। सरकार को जीएसटी और रोड टैक्स नहीं मिलता। लोकल डीलरों से सर्विसिंग कराने पर भी उन्हें कंपनी से सर्विस शुल्क नहीं मिलता, क्योंकि गाड़ी उसी राज्य के रिकॉर्ड में गिनी जाती है, जहां उसका पंजीयन होता है।

जानिए... क्या है नियम नई गाड़ी के लिए: 

दूसरे राज्य से नई गाड़ी छत्तीसगढ़ लाते हैं तो स्थायी रजिस्ट्रेशन संबंधित आरटीओ में कराना होगा। दूसरे राज्य का डीलर केवल 30 दिन का अस्थायी पंजीयन नंबर दे सकता है। पुरानी गाड़ी के लिए: पुरानी गाड़ी दूसरे राज्य में रजिस्टर्ड है और छत्तीसगढ़ लाते हैं तो 12 महीने से कम समय के लिए रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं। एक साल से ज्यादा के लिए धारा 47 के तहत CG सीरीज में नया नंबर लेना अनिवार्य है।

ऐसे करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन, नहीं तो ये होगी कार्रवाई

पुराने राज्य के आरटीओ से एनओसी लेना होगा। छत्तीसगढ़ में दोबारा रोड टैक्स देना होगा। पुराने राज्य में जमा रोड टैक्स रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं। फॉर्म 20, 26 व 27 के साथ बीमा, पीयूसी, एड्रेस प्रूफ देना होगा। दस्तावेज जमा होने के बाद अधिकारी गाड़ी का भौतिक निरीक्षण करेंगे।

पंजीयन नहीं कराने पर इस तरह की होगी कार्रवाई

धारा 192 के तहत पहली बार 2000 से 5000 रुपए तक जुर्माना, दूसरी बार 10 हजार तक हो सकता है। ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग गाड़ी जब्त कर सकता है। वैध रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर दुर्घटना में बीमा क्लेम खारिज हो सकता है।

“बाहरी राज्यों से गाड़ी खरीदने के बाद संबंधित जिलों में पंजीयन नहीं कराने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार है। इसे राज्य और जिला सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में रखा जाएगा। जल्द नोटिस जारी होगी।” आशीष देवांगन, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी

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