छत्तीसगढ़ से काम की तलाश में झारखंड गईं 35 लड़कियों को बनाया बंधक, ज्यादातर कांकेर जिले की निवासी

Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

छत्तीसगढ़ से काम की तलाश में झारखंड गईं 35 लड़कियों को बनाया बंधक, ज्यादातर कांकेर जिले की निवासी

छत्तीसगढ़ से काम की तलाश में झारखंड गईं 35 लड़कियों को बनाया बंधक, ज्यादातर कांकेर जिले की निवासी

सभी लड़कियों को नर्सिंग का काम करने के लिए झारखंड के गढ़वा बुलाया गया था


रायपुर। छत्तीसगढ़ से काम की तलाश में झारखंड गईं 35 लड़कियों के बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। बंधक बनाई गई ज्यादातर लड़कियां कांकेर जिले की रहने वाली हैं। सभी लड़कियों को नर्सिंग का काम करने के लिए झारखंड के गढ़वा बुलाया गया था। लड़कियों के बंधक होने की जानकारी तब सामने आई है जब यहां रहने वाली एक लड़की ने वीडियो बनाकर अपने परिचित को भेजा है।

आज के समय मे ज्यादातर गरीब तबके या निम्न मध्यम वर्ग की लड़कियां काम की तलाश में अन्य राज्य की ओर रुख करती है। अधिकतर इनके घर वालों को भी पता नही रहता कि इनकी बेटी कहाँ काम करने जा रही है, बस इतना पता होता है कि अन्य राज्य गोवा, मुंबई जैसे स्थानों पर काम कर रही है। और जब ऐसे कारनामे सामने आते है तो घरवाले परेशान होते नजर आते है, और प्रशासन के सामने बेबस नजर आते है। लड़कियां भी पढ़ी लिखी होने के बाद भी कुछ लोगों के चक्कर मे फंस कर वहां चली जाती है, इन्हें भी परिवार वालों के साथ साथ सावधान रहने की जरूरत है। 

दुर्गूकोंदल क्षेत्र की रहने वाली एक लड़की ने अपने गांव के एक युवक को मदद के लिए वीडियो बनाकर भेजा है। जिसमें धमतरी जिले के कुरूद की लड़की रोते हुए कहती दिखी कि उसे यहां अच्छा नहीं लग रहा, लेकिन घर जाने के लिए पैसे भी नहीं है। शुरुआती जानकारी के बाद लड़कियों को यहां ट्रेनिंग दी जा रही थी।  मामले की जानकारी सामने आने के बाद कांकेर जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है। कलेक्टर ने कहा कि हम गढ़वा जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की बात कर रहे हैं।

यहां रहने वाली एक लड़की ने अपने परिचित को वीडियो भेजकर मदद मांगी है। युवती ने मैसेज में बताया कि कई लड़कियों को बंधक जैसी स्थिति में रखा गया है और बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही। इसके बाद परिजनों ने यह वीडियो जिला प्रशासन को दिखाया है। लड़की का वीडियो देखने के बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप किया है। वहीं परिजनों ने बेटियों को वापस लाने की मांग की है।

कांकेर कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर ने बताया कि झारखंड के गढ़वा जिले में कांकेर और अन्य जगह से कुछ लड़कियां नर्सिंग का काम करने गई थीं। वहां पर ट्रेनिंग की सूचना मिली थी। लड़कियों के बंधक बनाए जाने की शिकायत है। गढ़वा जिला प्रशासन को मामले की जानकारी दी गई है। युवतियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए टीम काम कर रही है। वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी पुष्टि की कि मामले में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई जारी है।

कलेक्टर ने बताया कि कुछ युवतियां बालिग है और वो अपनी इच्छा से काम करने गई है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन गढ़वा जिले के कलेक्टर और एसपी के संपर्क में है।

जानकारी के मुताबिक, झारखंड की गढ़वा पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लिया और स्पेशल टीम बनाई है, जिसने युवतियों की तलाश और जांच अभियान शुरू कर दिया है। इन युवतियों से जबरन काम कराए जाने की बात भी कही जा रही है, जो जांच के बाद साफ हो पायेगा।

कलेक्टर के निर्देश के बाद पुलिस भी हरकत में आ गई है। पुलिस की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवतियों को किसके माध्यम से वहां भेजा गया और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है।

Top Post Ad


 

Below Post Ad

Ads Bottom