पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर अग्रवाल महिला मंडल, पत्थलगांव के तत्वावधान में श्री शिव महापुराण कथा का दिव्य आयोजन श्याम मंदिर में 3 जून से प्रारंभ
परम पूज्य आचार्य श्री पवन कुमार महाराज (प्रयागराज) अपने श्रीमुख से श्रद्धालुओं को शिव महापुराण की अमृतमयी कथा का करायेंगे रसपान
पत्थलगांव। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर अग्रवाल महिला मंडल, पत्थलगांव के तत्वावधान में श्री श्याम मंदिर परिसर में 03 जून से 09 जून 2026 तक श्री शिव महापुराण कथा का भव्य एवं दिव्य आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में परम पूज्य आचार्य श्री पवन कुमार महाराज (प्रयागराज) अपने श्रीमुख से श्रद्धालुओं को शिव महापुराण की अमृतमयी कथा का रसपान कराएंगे।
अग्रवाल महिला मंडल की ओर से आयोजित इस सात दिवसीय धार्मिक महोत्सव को लेकर नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कथा के दौरान भगवान शिव के चरित्र, भक्ति, वैराग्य, धर्म, सदाचार तथा मानव जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला जाएगा। मंडल की संरक्षक श्रीमती चंदा गर्ग, अध्यक्ष श्रीमती सरोज अग्रवाल, सचिव श्रीमती सुमन गोयल, पूर्व अध्यक्ष अर्चना गर्ग एवं श्रीमती पूजा अग्रवाल ने बताया कि शिव महापुराण कथा का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कृति एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। आयोजन की सफलता के लिए महिला मंडल की सभी सदस्याएं निरंतर तैयारी में जुटी हुई हैं।
इस आयोजन में कोषाध्यक्ष मीना गोयल, उपाध्यक्ष नेहा गोयल एवं रीता सिंहल, सह सचिव पुष्पा मित्तल, सह कोषाध्यक्ष उर्मिला गर्ग सहित कमला गर्ग, कुसुम गर्ग, मीरा गोयल, मंजू गर्ग, कुन्नी अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल, निशा गोयल, रितिका अग्रवाल, उर्मिला गोयल, अनीता अग्रवाल, मंजू सिंहल, लक्ष्मी मित्तल, नीतू सिंहल, मीनू सिंहल, सरोज जिंदल, सुनीता गर्ग, ललिता बंसल, अलका गर्ग, प्रिया सिंहल, सुनीता अग्रवाल, कमला अग्रवाल, श्वेता गोयल, मीना गर्ग, अनीता जिंदल एवं अन्य सदस्याएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।अग्रवाल महिला मंडल ने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में श्री श्याम मंदिर, पत्थलगांव पहुंचकर शिव महापुराण कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त करें तथा इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक वातावरण के मध्य आयोजित होने वाला यह महोत्सव नगरवासियों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा एवं सांस्कृतिक समरसता का केंद्र बनेगा।



