छत्तीसगढ़ में भी बढ़ेगा बस का किराया, परिवहन विभाग एवमं बस संचालकों की हुई बैठक

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छत्तीसगढ़ में भी बढ़ेगा बस का किराया, परिवहन विभाग एवमं बस संचालकों की हुई बैठक

छत्तीसगढ़ में भी बढ़ेगा बस का किराया, परिवहन विभाग एवमं बस संचालकों की हुई बैठक

2021 के बाद किराया में बढ़ोतरी नही, परिवहन विभाग जल्द लेगा अंतिम फैसला, विभाग ने दिये संचालकों को जरुरी निर्देश


प्रतीकात्मक फोटो

छत्तीसगढ़ में भी अब बस का किराया बढ़ने की पूरी तैयारी है। परिवहन विभाग की बस संचालकों के साथ हुई हालिया बैठक में साधारण बसों का किराया (50%) और डीलक्स/एसी बसों का किराया (30%) तक बढ़ाने की मांग की गई है। साल 2021 के बाद से किराए में कोई बदलाव नहीं हुआ है। परिवहन विभाग इस मांग पर जल्द ही अंतिम फैसला ले सकता है। वहीं, कुछ मार्गों पर बस ऑपरेटरों द्वारा पहले ही यात्रियों से मनमाना किराया (तय दर से ₹200 से ₹400 तक अधिक) वसूलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

छत्तीसगढ़ में यात्री बसों के किराया वृद्धि की मांग को लेकर परिवहन विभाग ने सभी बस संचालकों की बैठक लेकर चर्चा की। विभाग ने बारी-बारी से सभी संचालकों से बात की और बस संचालन में आ रही कठिनाइयों की जानकारी ली। बस संचालकों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पिछली बार किराया वृद्धि वर्ष 2021 में की गई थी। डीजल की मूल्य में लगातार वृद्धि होने के कारण संचालकों ने मांग रखी कि यात्री किराया डीजल के मूल्य में कमी या वृद्धि के साथ घटने-बढ़ने का स्थायी कानून बनाया जाए। परिवहन विभाग ने कहा कि अन्य राज्यों के दरों का तुलनात्मक अध्ययन कर नया किराया दर पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।

इससे प्रदेश में यात्री बसों के किराए में जल्द बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके साथ ही उन्होंने डीजल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के अनुसार बस किराए को स्वतः समायोजित करने के लिए स्थायी कानून बनाने की मांग भी की है।

बैठक में अखिल भारतीय पर्यटक परमिट वाली बसों के संचालन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि पर्यटक परमिट प्राप्त वाहनों का स्टेज कैरिज (यात्री बस) के रूप में संचालन नियमों के विरुद्ध है और ऐसा पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने बस संचालकों को संचालन संबंधी दस महत्वपूर्ण निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

विभाग के ये हैं कुछ निर्देश

प्रत्येक स्टेज कैरिज में क्षमता का 25 प्रतिशत महिला यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगा। दिव्यांगों के लिए न्यूनतम तीन सीटें आरक्षित रहेंगी। चढ़ने-उतरने के लिए आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रत्येक यात्री को टिकट जारी किया जाना अनिवार्य होगा। टिकट में परमिट संख्या, वाहन क्रमांक, मार्ग, किराया, टिकट क्रमांक, जारी करने की तिथि तथा परिचालक का नाम व हस्ताक्षर रहेंगे।

प्रत्येक चालक व परिचालक को पहचान-पत्र और यूनिफॉर्म जारी किया जाना अनिवार्य होगा, जिसमें नाम, पता, फोटो, लाइसेंस, बैज क्रमांक, परमिट विवरण एवं वैधता अंकित रहेगी।

अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकास, फायर डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम और फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा।

कोई भी बस ऑपरेटर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना वाहन में अवैध बॉडी मॉडिफिकेशन, चेसिस एक्सटेंशन, अनाधिकृत रूपांतरण या अन्य संरचनात्मक संशोधन नहीं करेगा।


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