केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार


नई दिल्ली एजेंसी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।भारत के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर, भारत के संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत, धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफ़ा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा विभागों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का प्रभार भी सौंपा जाए।

इधर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ समय बाद सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रतिनिधि के बीच एक और बैठक हुई। मीटिंग में सभी मांगों पर सहमति बनने के बाद सीजेपी ने ऐलान किया कि वो अब अपना आंदोलन वापस ले रहे हैं. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी पहली मांग मान ली गई। अब अन्य मांगों को लेकर भी सरकार ने मंगलवार तक पूरे होने का भरोसा दिया है।

NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और देशभर में जारी छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं से उनका मन बेहद व्यथित है। उन्होंने यह भी कहा कि वह नहीं चाहते कि मौजूदा हालात का लाभ राष्ट्र विरोधी ताकतें उठाएं या छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों में उलझे। प्रधान ने कहा कि राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय वेंकटेश जोशी भारतीय रेलवे में कर्मचारी थे, जबकि उनकी माता का नाम मालतीबाई था।

साधारण परिवार में पले-बढ़े प्रह्लाद जोशी ने छात्र जीवन से ही सामाजिक कार्यों और जनहित के मुद्दों में रुचि दिखाई। आगे चलकर उन्होंने सामाजिक गतिविधियों के साथ एक छोटे उद्योग की भी स्थापना की और फिर सक्रिय राजनीति में कदम रखा।

30 मई 2019 को उन्होंने पहली बार केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली। उस समय उन्हें संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद सरकार में उन्हें अलग-अलग महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिलती रही। प्रह्लाद जोशी के पास अभी खाद्य और उपभोक्ता मामलों का विभाग है। उन्हें अब इसके साथ शिक्षा मंत्रालय भी सौंपा गया है।


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