वाहनों का नाम ट्रांसफर और HPA जुड़वाना चाह रहे तो आपको करना पड़ेगा पैसे के साथ साथ समय का भी अधिक खर्च
RTO विभाग में नए नियमों के साथ साथ आमजनों को करना पड़ रहा काफी परेशानीयो का सामना
फोटो- सांकेतिक
यदी आप अपने वाहनों का नाम ट्रांसफर और HPA जुड़वाना चाह रहे तो आपको पैसे के साथ साथ समय का भी अधिक खर्च करना पड़ेगा। क्योंकि RTO विभाग में नए नियमों के साथ साथ परेशानी भी बढ़ती नजर आ रही है। पहले आप यदि वाहनों के नाम ट्रांसफर और HPA जुड़वाना चाहते थे तो एक साथ ये काम हो जाते थे। पर अभी के मौजूदा समय मे दोनों कार्यों के लिये अलग अलग समय पर आवेदन किया जा रहा है। इसके लिये 2 बार RC प्रिंट हो रही है जिससे खर्च व समय दोनों बढ़ रहा है। और RC घर तक पहुंचने में काफी समय लग रहा है। ऐसे में आम लोगों को RC प्राप्त करने में भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार समय समय पर लोगों पर वाहन सम्बंधित नये नये नियम लाद रही है, जिसका खामियाजा आमजनों को भुगतना पड़ रहा है। पहले तो सरकार नाम ट्रांसफर में वाहन के मैन्युफैक्चरिंग समय का 1 प्रतिशत टैक्स लगा दी अब नये नियमो के तहत और परेशानी में डालती नजर आ रही है। वही कई स्थानों में आधार से RC के नामों को मिलाया जा रहा है, यदि आधार और RC में नाम,सरनेम मिस मैच है तो फ़ाइल रिजेक्ट कर दी जा रही है। बताया जा रहा है कि आधार और RC में 75 प्रतिशत मिलान होना चाहिये तभी आपका काम आगे बढ़ेगा।
कुछ पुरानी गाड़ियों के खरीद बिक्री करने वालों का कहना है कि अभी के समय मे गाड़ी फाइनेंस करवाकर बेचने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि 1 बार RC आने के बाद HPA जुड़वाने दोबारा आवेदन करना पड़ रहा है। ग्राहकों के अन्य जिलों में निवास करने के कारण हमारे साथ साथ ग्राहको को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
समय ज्यादा क्यों लग रहा है?
HPA और ट्रांसफर अलग - पहले एक ही फॉर्म में RC -HPA हो जाती थी, अब 2 बार आवेदन करना पड़ रहा है, 2 बार verification, 2 बार प्रिंटिंग हो रही है जिससे समय का खर्च अधिक बढ़ गया है।
VAHAN पोर्टल slow / ठप - NIC सर्वर में login ID और IP की दिक्कत से कई RTO में हफ्ता भर पोर्टल बंद रहता है।
कागज अधूरा तो फाइल वापस - PUC, इंश्योरेंस, FASTag बकाया, चेसिस प्रिंट में से एक भी गड़बड़ तो फाइल रिजेक्ट कर दिया जाता है और फिर से लाइन में दोबारा लगना पड़ता है।
पहले: एक ही जिले में 7-10 दिन में RC घर आ जाती थी, अब 15 से 30 दिन एक ही जिले में लग जा रहे है। और वहीं अंतर-राज्य में 30 से 60 दिन लग रहे है।



