दुर्घटना के बाद राहत कार्य में देरी पर एनएचएआई ने एजेंसी पर लगाई 10 लाख की पेनाल्टी
रायपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के कटघोरा-अंबिकापुर खंड में दुर्घटना प्रबंधन में लापरवाही पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएच एआई) ने संबंधित एजेंसी मेसर्स रविंद्र सिंह पर 10 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई है। विगत 12 अक्टूबर को सुबह करीब 3 बजे चोटिया टोल प्लाजा के पास दो ट्रक-ट्रेलरों की भिड़ंत हुई थी। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने में देरी के कारण मार्ग बाधित रहा।
जांच में सामने आया कि घटना के दौरान एजेंसी का परियोजना प्रबंधक मौके पर मौजूद नहीं था। क्रेन ऑपरेटर की अनुपलब्धता और रिकवरी उपकरणों के लिए पर्याप्त ईंधन नहीं होने से राहत कार्य प्रभावित हुआ। 1033 हेल्पलाइन पर बार-बार सूचना देने के बावजूद समय पर आवश्यक सहायता नहीं मिल सकी। एनएचएआई ने इसे घटना प्रबंधन और हाईवे पेट्रोलिंग के निर्धारित मानकों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित एजेंसी पर 10 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई है।
आमतौर पर सड़क हादसों के बाद लोग व्यवस्था और पुलिस को ही कोसते नजर आते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल उलट थी। हादसे के बाद पुलिस ने तो अपनी जिम्मेदारी मुस्तैदी से निभाई, मगर एनएचएआई के सुस्त अधिकारियों और लापरवाह व्यवस्था ने आम जनता को 10 घंटे तक जाम के नरक में धकेल दिया। इस गंभीर लापरवाही पर अब कोरबा पुलिस और एनएचएआई आमने-सामने आ गए हैं। पुलिस ने एनएचएआई अधिकारियों के खिलाफ परिवाद दायर किया है।



