छत्तीसगढ़ की कला प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय मंच पर लहराया परचम, जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय और सारंगढ़ के घनश्याम साहू को प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार

Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

छत्तीसगढ़ की कला प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय मंच पर लहराया परचम, जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय और सारंगढ़ के घनश्याम साहू को प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार

छत्तीसगढ़ की कला प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय मंच पर लहराया परचम, जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय और सारंगढ़ के घनश्याम साहू को प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार



छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति और रंगमंच के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. आनंद कुमार पांडेय और घनश्याम साहू को प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में संगीत नाटक अकादमी की ओर से आयोजित समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दोनों कलाकारों को यह सम्मान प्रदान किया।

बता दें कि समारोह में वर्ष 2024 और 2025 के लिए देशभर के कुल 106 युवा कलाकारों को उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार प्रदान किए गए।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मेघदूत थिएटर परिसर, रविन्द्र भवन, नई दिल्ली में 19 अक्टूबर 2026 को आयोजित समारोह में प्रदेश के दो प्रतिभाशाली कलाकार प्रसिद्ध रंगमंच में योगदान के लिए जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय एवं विशिष्ट नाट्य लेखन एवं छत्तीसगढ़ी फिल्मों में प्रभावशाली पटकथा लेखन के लिए सारंगढ़ के श्री घनश्याम साहू को संगीत नाटक अकादमी के प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया।

उल्लेखनीय है कि सुदूर आदिवासी अंचल जशपुर में रंगमंच की अलख जगाने वाले डॉ. आनन्द पाण्डेय को उत्कृष्ट अभिनय तथा सारंगढ़ के श्री घनश्याम साहू को विशिष्ट नाट्य लेखन एवं छत्तीसगढ़ी फिल्मों में प्रभावशाली पटकथा लेखन के लिए यह राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। दोनों कलाकारों की इस उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ की रचनात्मक प्रतिभा, सांस्कृतिक समृद्धि और नाट्य परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।

छत्तीसगढ़ के वनांचलों और छोटे कस्बों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले इन कलाकारों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा और सृजनशीलता किसी भौगोलिक सीमा की मोहताज नहीं होती। कला के प्रति समर्पण, निरंतर साधना और रचनात्मक प्रतिबद्धता के बल पर प्रदेश के कलाकार राष्ट्रीय सांस्कृतिक परिदृश्य में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।

जशपुर के डॉ. आनन्द पाण्डेय ने रंगमंच को दी नई पहचान

छत्तीसगढ़ के सुदूर आदिवासी अंचल जशपुर में रंगमंच की परंपरा को आगे बढ़ाने और अभिनय के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले डॉ. आनन्द पाण्डेय को उत्कृष्ट अभिनय के लिए प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनकी यह उपलब्धि जशपुर सहित पूरे सरगुजा अंचल और छत्तीसगढ़ के रंगमंच से जुड़े कलाकारों के लिए प्रेरणादायी है।

डॉ. पाण्डेय की कला साधना इस बात का उदाहरण है कि सीमित संसाधनों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहकर भी प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। उनका सम्मान छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में विद्यमान रचनात्मक संभावनाओं और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को नई प्रेरणा प्रदान करने वाला है।

सारंगढ़ के श्री घनश्याम साहू ने नाट्य लेखन और छत्तीसगढ़ी सिनेमा को दिलाया गौरव

सारंगढ़ के प्रतिभाशाली लेखक श्री घनश्याम साहू को उनके विशिष्ट नाट्य लेखन और छत्तीसगढ़ी फिल्मों में उत्कृष्ट पटकथा लेखन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की साहित्यिक, नाट्य और सिनेमाई रचनात्मकता के लिए महत्वपूर्ण है।

नाट्य लेखन और पटकथा लेखन किसी भी रंगमंचीय प्रस्तुति अथवा फिल्म की आत्मा होते हैं। प्रभावशाली कथानक, संवेदनशील संवाद और सामाजिक जीवन से जुड़े विषयों को रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रदान करने में लेखकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। श्री साहू को मिला यह सम्मान छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और सिनेमा के क्षेत्र में कार्यरत रचनाकारों के लिए उत्साहवर्धक है।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा बना राष्ट्रीय सम्मान

संगीत नाटक अकादमी का उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार भारतीय प्रदर्शन कलाओं के क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने वाला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है। छत्तीसगढ़ के दो कलाकारों को यह सम्मान प्राप्त होना प्रदेश की जीवंत नाट्य परंपरा और रचनात्मक क्षमता का परिचायक है।

लोककला, लोकनाट्य, संगीत, नृत्य, साहित्य और रंगमंच की समृद्ध विरासत वाला छत्तीसगढ़ अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है। यहां की लोक परंपराएं, जनजीवन, बोलियां और सामाजिक संवेदनाएं कलाकारों को सृजन की व्यापक संभावनाएं प्रदान करती हैं। ऐसे में प्रदेश के कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाली पहचान नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

छत्तीसगढ़ के इन दोनों कलाकारों को प्राप्त राष्ट्रीय सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश की सामूहिक सांस्कृतिक चेतना, कला साधना और रचनात्मक प्रतिभा का सम्मान है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि  है।

Top Post Ad


 

Below Post Ad

Ads Bottom