छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस के 3 विधायकों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
कांग्रेस विधायक दल ने की डेप्युटी लीडर, चीफ व्हिप और डेप्युटी व्हिप की नियुक्ति
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज 23 फरवरी से, विपक्ष बनायेगी सरकार को घेरने की योजना
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। कांग्रेस विधायक दल ने डेप्युटी लीडर, चीफ व्हिप और डेप्युटी व्हिप की नियुक्ति की है। ये नियुक्तियां विधानसभा सत्र शुरु होने के ठीक पहले की गई हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि ये नियुक्तियां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सहमति के बाद की गई हैं। विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो रहा है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने बताया कि, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा छत्तीसगढ़ कांग्रेस विधायी दल में की नई नियुक्तियों का सहर्ष स्वागत है। कांग्रेस विधायक दल में लखेश्वर बघेल को डेप्युटी लीडर, दलेश्वर साहू को चीफ व्हिप और दिलीप लहरिया को डेप्युटी व्हिप बनाया गया है। विधानसभा के बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की योजना बना रहा है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज होने वाली है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत की अध्यक्षता में बैठक होगी, जिसमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज समेत कांग्रेस विधायक शामिल होंगे। राजीव भवन में आज शाम चार बजे होने वाली बैठक में कांग्रेस भाजपा सरकार को बजट सत्र में घेरने की रणनीति बनाएगी।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल जी को उपनेता नियुक्त होने पर बधाई। उनके अनुभव से सदन में विपक्ष की आवाज और मजबूत होगी। डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू जी को ‘मुख्य सचेतक‘ बनाए जाना हर्ष का विषय है, विधायी कार्यों में उनका समन्वय सराहनीय रहेगा। वहीं, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया जी को ‘उप सचेतक‘ की नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी है।
वहीं, डिप्टी व्हिप दिलीप लहरिया चीफ व्हिप का सहयोग करते हुए सदस्यों के बीच तालमेल को मजबूत करेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन नियुक्तियों से कांग्रेस की संगठनात्मक पकड़ मजबूत होगी और आगामी विधानसभा सत्रों में विपक्ष की भूमिका अधिक सक्रिय और प्रभावी दिखाई देगी। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को नेतृत्व में अवसर देकर संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने की भी कोशिश की गई है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज 23 फरवरी से
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज 23 फरवरी से शुरू हो रहा है, जो 20 मार्च 2026 तक चलेगा। बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से होगी। पहले दिन दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। सत्र हंगामेदार भी रह सकता है। विपक्षी दल धर्म स्वातंत्र्य बिल और राज्य की वित्तीय स्थिति पर तीखे तेवर दिखा सकते हैं। बजट सत्र में विष्णु देव साय सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने रणनीति बनाई है।
बजट सत्र में कुल 15 बैठकें आयोजित होंगी। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करेंगे। बजट पर सामान्य चर्चा 26 और 27 फरवरी को होगी। इसके बाद 9 मार्च से 17 मार्च तक विभागवार अनुदान मांगों पर विचार किया जाएगा। 17 मार्च को विनियोग विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा और 18 मार्च को उस पर चर्चा व पारित किया जाएगा।
इस सत्र के दौरान संभावित रूप से छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 और छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा प्रवर्तन विधेयक, 2026 भी पेश किए जा सकते हैं। सत्र के लिए विधायकों ने कुल 2813 प्रश्न दर्ज किए हैं, जिनमें 1437 तारांकित और 1376 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। इसके अलावा 61 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, एक अविलंबनीय लोक महत्व का विषय, 13 अशासकीय संकल्प, 9 शून्यकाल सूचनाएं और 112 याचिकाएं प्राप्त हुई हैं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 का यह बजट विष्णु देव साय सरकार का तीसरा बजट होगा। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि 2024 का पहला बजट ‘ज्ञान, गरीब, युवा, किसान और महिलाओं' को समर्पित था, जबकि 2025 का बजट ‘गति' की रणनीति पर आधारित रहा. 2026 का बजट गुड गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित होगा।




