राज्य सरकार ने होटल, बार और रेस्टोरेंट में शराब बिक्री के लिए किये कड़े नियम लागू
निर्धारित मात्रा में शराब का स्टॉक उठाना अनिवार्य, कमी होने पर लगेगा भारी जुर्माना
राज्य सरकार ने होटल, बार और रेस्टोरेंट में शराब बिक्री के लिए कड़े नियम लागू किए हैं, जिसमें निर्धारित मात्रा में शराब का स्टॉक उठाना अनिवार्य है और कमी होने पर भारी जुर्माना (जैसे विदेशी शराब पर ~₹1140 और बीयर पर ~₹160 प्रति बोतल) लगेगा। शराब केवल लाइसेंस प्राप्त स्थानों से दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे के बीच बेची जा सकती है, और इसे 20% अधिक मूल्य पर बेचा जा सकता है।
आबकारी विभाग ने इस संबंध में 25 फरवरी 2026 को अधिसूचना जारी कर विदेशी मदिरा नियम 1996 में संशोधन किया है। संशोधन के बाद यह व्यवस्था लागू होगी कि लाइसेंसधारी हर माह तय न्यूनतम स्टॉक उठाएं और उसका रिकॉर्ड रखें। सरकार का मानना है कि इससे शराब बिक्री की निगरानी सख्त होगी और राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। हालांकि नए नियमों से होटल, बार और रेस्टोरेंट संचालकों पर अतिरिक्त दबाव बढऩे की भी चर्चा शुरू हो गई है, क्योंकि कम बिक्री होने पर भी उन्हें तय मात्रा का स्टॉक उठाना पड़ेगा या फिर जुर्माना देना होगा।
अधिसूचना के मुताबिक हर बोतल पर आबकारी लेबल अनिवार्य होगा। नई अधिसूचना में शराब की हर बोतल पर एक्साइज एडेसिव लेवल (ईएएल) लगाना अनिवार्य है। लाइसेंसधारी को एक महीने के लिए आवश्यक लेबल पहले से खरीदना होगा। लेबल लगाने के बाद ही शराब की बोतल ग्राहकों को बेची जा सकेगी। सभी लेबल का रिकॉर्ड भी रोजाना रजिस्टर में दर्ज करना होगा। यह लेबल लाल रंग का होगा और इससे शराब की बिक्री पर निगरानी रखना आसान होगा।
प्रमुख नियम और दिशानिर्देश:
न्यूनतम स्टॉक नियम: लाइसेंस धारकों को हर महीने सरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम मात्रा में शराब उठानी होगी।
जुर्माना: कम बिक्री या कम स्टॉक उठाने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
संचालन समय: रेस्टोरेंट और ढाबों में शराब की बिक्री दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक की जा सकती है।
कीमत: रेस्टोरेंट/बार मालिक निर्धारित खुदरा बिक्री मूल्य से 20% अधिक मूल्य पर शराब बेच सकते हैं।
शराब बिक्री प्रणाली को अधिक नियंत्रित और पारदर्शी करने के लिए नियमों को लागू कराया जा रहा है। इससे अवैध बिक्री पर रोक लगेगी। स्टॉक और बिक्री का सही रिकॉर्ड रहेगा। टैक्स और ड्यूटी की भी वसूली बेहतर होगी— देवेंद्र सिंह भारद्वाज, विशेष सचिव, आबकारी विभाग



